सुकमा में आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन को बड़ा झटका
सुकमा जिले में 10 इनामी माओवादियों का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 33 लाख रुपये के इनामी इन माओवादियों में छह महिलाएं शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने घातक हथियारों को छोड़कर हिंसा का रास्ता त्यागने का संकल्प लिया। उन्होंने दो एके-47, दो एसएलआर और अन्य हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे।
सर्व आदिवासी समाज ने इस मौके पर सकारात्मक भूमिका निभाते हुए आत्मसमर्पण करने वालों को पौधा और तिरंगा देकर समाज में पुनः शामिल होने का संदेश दिया।
बस्तर आईजीपी सुंदरराज पी. ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को सम्मानजनक जीवन देना है। आंकड़ों के अनुसार, 11 महीनों में 1,514 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो यह साबित करता है कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अब बचे हुए माओवादियों के लिए भी यही बेहतर विकल्प है, क्योंकि सुरक्षा बलों का अभियान पूरी मजबूती से जारी है।

