कोरबा /जलके :: जिला का चर्चित कटघोरा वनमण्डल अपनी सुर्खियां बना ही लेता है। कटघोरा वनमण्डल के पसान रेंज में इन दिनों हाथी आते ही बिजली गुल हो जाती है लगभग 20 से 25 हजार आबादी वाला क्षेत्र हो जाता है अंधेरे में, मामला यह है कि पसान,केदई, रेंज में एक हाथी भी आ जाएं तो मान के चलिए 10से 15 घंटे तक बिजली किसी हाल में नहीं आएंगी। नवम्बर 2023 में जब एक हाथी जब झुलते हुए 11 केवी बिजली तार के चपेट में आने से मौत हो गई मानो विधुत और वनविभाग में खलबली मच गई, तब कटघोरा वन मंडल डीएफओ निशांत कुमार ने जांच के बाद विधुत विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी पर वन अधिनियम के तहत कार्यवाही कर दी। और अब हालात ऐसा हो गया है कि कोरबा जिला के किसी भी क्षेत्र में अगर एक हाथी भी गया तो आसपास के 10 से 15 गांव अंधेरे में नजर आता है मानो गांव बस्ती ,जंगल के भाती दिखाई देता है चारों तरफ बस अंधेरा ही अंधेरा।
वर्तमान में पोड़ी उपरोड़ा तहसील के ग्राम सरमा और तनेरा में एक हाथी है और रोदे-कोरबी सब स्टेशन में मौखिक आदेश अधिकारीयों द्वारा दिया गया है ,हाथी की सुचना मिलते ही बिजली बंद कर दिया जाएं।
*क्या है कारण*
जानकारी अनुसार पोड़ी उपरोड़ा के डिविजन के में आज भी कहीं कहीं 11 केवी बिजली के तार निश्चित उंचाई से भी निचे झुका हुआ है जिससे हाथी बिजली तार के संपर्क में आ सकता है और अपने बचाव में विधुत विभाग क्षेत्र में हाथी आते ही लाइन बंद कर देते हैं चाहे बच्चों का परिक्षा हो, कहीं दुख-सुख का कार्यक्रम हो, किसी भी प्रकार से घटना हो जाए, स्वास्थ्य केन्द्र सहित जरुरी सेवा ठप हो जाए पर विधुत विभाग बिजली नहीं देगा जब तक हाथी क्षेत्र में है।
फारेस्ट विभाग भी अपने जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते दिन रात एक कर देते हैं हाथी कि सुरक्षा में गांव में अगर हाथी है तो वन विभाग के डिप्टी रेंजर सहित सभी कर्मचारी डेरा डाल देते हैं। पर जंगल में हाथी रहे तो राहत क्या होता है कोई उनसे पुछे।
फारेस्ट और विधुत विभाग के आंख मिचौली खेल में फंसे ग्रामीण
ग्रामीण क्षेत्र में रहना क्या ग्रामीणो का गुनाह है?
रात के अंधेरे में घर के दरवाजे के बाहर हाथी खड़ा हो तो पता नहीं चलेगा अंधेरे में इसकी वजह कौन?
रात में जब हाथी घर पर रात 2-3बजे आक्रमण करता था तो ग्रामीण बिजली कि रोशनी से अपना और अपने परिवार का जान बचा कर भाग जाता था पर अब बिजली ही न रहे तो ऐसे हालात में अगर किसी की ग्रामीण या पुरा परिवार हाथी द्वारा मारा जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन?

