“भैया, ये क्या हुआ? बोलेरो तो पूरी दब गई है!” — सड़क किनारे खड़े एक युवक ने कांपती आवाज़ में कहा।
“अरे जल्दी करो, कोई एंबुलेंस बुलाओ!” — एक और व्यक्ति चिल्लाया।
यह दृश्य था सोमवार रात का, अमिलिहा के पास।
28 साल का आशीष पटेल अपनी मां और दोस्त युवराज के साथ बोलेरो में जा रहा था।
सामने से एक ट्रक आया, और पलक झपकते ही सब खत्म हो गया।
“आशीष… बेटा…” — घायल मां के मुंह से निकला यह शब्द सुनकर आसपास के लोग भी कांप उठे।
आशीष अब कुछ नहीं बोल रहा था। वह चुप था — हमेशा के लिए।
लोगों ने खिड़की तोड़ी, दरवाज़ा उखाड़ा, पर बोलेरो की हालत देखकर सबकी आंखें नम थीं।
जब पुलिस पहुंची, तब तक सड़क पर दीपों जैसी चमकती रोशनी अब सायरन की लाल चमक में बदल चुकी थी।

