झारखंड और छत्तीसगढ़ में आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू (साव) को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। बताया जा रहा है कि अमन को झारखंड पुलिस रायपुर से रांची ले जा रही थी, तभी पलामू के पास गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ। इस दौरान उसने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। अमन साहू को 14 अक्टूबर को एक कारोबारी पर फायरिंग मामले में रायपुर लाया गया था, जिसके बाद वह 148 दिनों तक रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद था। झारखंड पुलिस 7 मार्च को रांची के बरियातू थाना इलाके में हुई अंधाधुंध फायरिंग की जांच के लिए उसे रांची ले जा रही थी। इस हमले में कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा और उनके ड्राइवर को गोली लगी थी। इस फायरिंग का आरोप अमन साहू गिरोह पर लगा था, जिसके गुर्गे जेल में बंद साहू के इशारे पर वारदात को अंजाम दे रहे थे।
अमन साहू पर दर्ज थे 50 से अधिक केस
अमन साहू पर 50 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। उसका गिरोह रांची, रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो में रंगदारी वसूलने में सक्रिय था। कोयला कंपनियों, व्यवसायियों, बिल्डरों और ठेकेदारों को धमकाकर वसूली करना उसका मुख्य काम था। रंगदारी नहीं देने पर उसके गुर्गे कारोबारियों के दफ्तरों में फायरिंग कर डराने या फिर उन्हें गोली मारने का काम करते थे। पिछले छह महीनों में आधा दर्जन से अधिक ऐसे मामले सामने आए, जिससे कोयला व्यवसायियों में भय का माहौल था।
कैसे हुआ एनकाउंटर
रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा की कार पर हुए हमले के सिलसिले में अमन को झारखंड पुलिस ने रायपुर से रांची लाने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच गाड़ी में लेकर जा रही थी। पलामू एसपी रिष्मा रमेशन के मुताबिक, ‘अमन साहू को ATS की टीम रायपुर जेल से झारखंड ला रही थी। जैसे ही स्कॉर्पियो चैनपुर-रामगढ़ रोड़ के अन्हारी ढोढ़ा घाटी पहुंची। अमन साहू के साथियों ने, उसे छुड़ाने के लिए स्कॉर्पियो पर बम फेंका। घटना मंगलवार सुबह 9.15 बजे की है। बमबारी के बाद अमन साहू ने हवलदार राकेश कुमार के हाथ से राइफल छीनकर फायरिंग की कोशिश की। तभी जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। हवलदार की जांघ में गोली लगी है। उसका इलाज एमएमसीएच पलामू में चल रहा है। जहां घटना हुई है, वह थोड़ा जंगली इलाका है। यहां मोबाइल नेटवर्क की भी दिक्कत है। घटनास्थल से 100 मीटर पहले आम लोग और मीडिया के जाने पर रोक लगा दी गई है।

झारखंड पुलिस पर उठ रहे सवाल
अमन साहू के एनकाउंटर के बाद झारखंड पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठने लगे हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर हुआ हो, लेकिन इस घटना में जिस तरह से पुलिस की कहानी सामने आई है, उस पर संदेह जताया जा रहा है। क्या सच में अमन ने हथियार छीना था, या यह एक सोची-समझी कार्रवाई थी?

